Not known Details About Dosti Shayari

जिगरी दोस्त के बिना जीवन अधूरा लगता है। एक है सीने में जिगरा और दूसरे जिगरी यार। तू जब गुस्से में होता है, मैं उसे मस्ती में बदल देता हूँ, “दोस्त आदाब नहीं, पहले कॉफी फिर असलियत।” वरना इस दुनिया में हर रिश्ता आजकल मतलब से जुड